जातिवाद

#जातिवाद
जहर जीवित को मृत कर देता है
क्या वो जानते नहीं थे
या समानतापूर्ण समाज को मानते नहीं थे।
मानव समाज में जातिवाद के बीज बो गए
किन्तु उन्हें पता नहीं था शायद
कि एक विषवृक्ष उग आएगा
जिसे मानवता की सुख और शांति से सींचा जाएगा।
आगत भविष्य में गैर-बराबरी
शोषण-उत्पीड़न का आधार बन जाएगा।
यह कहना ग़लत न होगा कि
जातिवाद का जहर बड़ा विषैला है,
जो कर रहा हमारे समाज को मैला है।
निस्दिन जब पढ़ता हूं अखबार,
एक शीर्षक होता है हृदय के आर-पार;
"एक प्रेमी युगल को दिया मार"
क्योंकि अंतरजातीय होने के बावजूद
एक दूजे के साथ जीवन बिताने के थे आसार।

हम कैसे कहें कि लोकतंत्र
जातिवाद को हटा पाएगा;
क्या कोई भी दल
अपने वोट बैंक पर
अंकुश लगा पाएग???

जातिवाद का फायदा उठाने वाले मुट्ठीभर हैं
पर झेल रहा पूरा का पूरा शहर है।
अब देखना यह है कि क्या हम
समाज की जिगीषा पर खरे उतर पाएंगे,
इस जातिवाद के जहर को
समानता और भाईचारा रुपी औषधि से
नष्ट कर पाएंगे???
#एस_सौरभ

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